राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस 2019 के चुनावी रण में नहीं उतरेगी
राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नव निर्माण सेना एमएनएस ने ऐलान किया कि वह लोकसभा चुनावों में अपने प्रत्याशी नहीं उतारेगी। पार्टी का कहना है कि वह 19 मार्च को इस बारे में बात करेगी। मार्च के शुरुआत में ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि राज ठाकरे एनसीपी के नेताओं को समर्थन देने की घोषणा कर सकते हैं।
पार्टी प्रमुख राज ठाकरे ने 9 मार्च को पार्टी के स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं में संबोधित करते हुए कहा था कि उचित समय पर निर्णय लेंगे और जो भी निर्णय लेंगे वह कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को बता देंगे। राज ने 19 मार्च को कार्यकर्ताओं का सम्मेलन बुलाया है। जिसमें और भी बातें सामने आ सकती हैं।
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ऐसी खबरें आ रही थी कि राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस को कांग्रेस-एनसीपी महागठबंधन में शामिल करने के लिए एनसीपी प्रमुख शरद पवार और अजीत पवार ने साड़ी जोर आजमाइशी की था, लेकिन कांग्रेस ने किसी एक की भी भी सुनी और महागठबंधन में राज को शामिल करने से साफ इनकार कर दिया। कांग्रेस के मन करने के बाद भी राज और शरद पवार की कई मुलाकात हुई लेकिन बात नहीं बन पाई|
इसके पीछे साफ़ कारण है एमएनएस का घटता जन आधार जो कि प्रो- मराठी या कहे तो मराठी मानुष की अवधारणा पर चलने के कारण हुआ| ऐसे में उत्तर भारतियों की हिमायती रहने वाले राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस और काफी हद तक नाम की राष्ट्रवादी एनसीपी पार्टी क्यों मनसे को अपने पाले में रख के चुनावी रण में मुँह की खाने को उतरेगी इसलिए बेहतर था मनसे को शामिल करने से अच्छा मना कर देना|
अब राज ठाकरे अपनी पार्टी को किसी दुसरे पाले में ले जाते है या फिर पलटी मारते हुए चुनाव लड़ने का एलान करते है यह देखना बेहद रोचक होगा क्योंकि नामांकन तिथि बेहद नज़दीक है|
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Web Journalist
Ex- Punjab Kesari, Bihar Express, Unacademy



